दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), कांगड़ा के निर्देशानुसार 14 अक्टूबर 2026 को राजकीय महाविद्यालय देहरा, कांगड़ा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का संचालन सुश्री दीक्षा शर्मा, अधिवक्ता, देहरा तथा श्री मुनीश कुमार, पैरा लीगल वालंटियर (PLV) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सुश्री दीक्षा शर्मा ने विधिक साक्षरता विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने के महत्त्व से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को कानूनी प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सके और न्याय प्राप्त करने के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपना सके।
इस अवसर पर उन्होंने स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के विभिन्न प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के कानूनी परिणामों तथा नशे के दुष्प्रभावों और इसकी रोकथाम के महत्त्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
सुश्री दीक्षा शर्मा ने निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति न्यायालयों में अपने मामलों की पैरवी के लिए निःशुल्क अधिवक्ता की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) तथा उपमंडलीय विधिक सेवा समिति (SDLSC) के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने यह भी बताया कि पात्र व्यक्ति संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में आवेदन करके अथवा उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों से निःशुल्क विधिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस सहायता का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या सामाजिक कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के शिक्षकों को कानूनी प्रावधानों, नागरिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं तथा नशे से संबंधित कानूनों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे और उन्होंने विधिक साक्षरता सत्र में भाग लिया।
यह शिविर कानूनी जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों से परिचित करवाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।इस अबसर पर महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे I